IPO Types Guide: भारत में IPO के कितने प्रकार होते हैं?
📅 प्रकाशित: 7 March 2026 | ⏱️ पढ़ने का समय: 8 मिनट | 📊 श्रेणी: IPO Analysis
अगर तुमने कभी IPO में पैसा लगाने के बारे में सोचा है तो एक सवाल जरूर आया होगा — IPO आखिर कितने प्रकार के होते हैं? और इनका फर्क क्या है? देखो, IPO का नाम सुनते ही कई लोग excited हो जाते हैं क्योंकि listing gain का सपना हर investor देखता है। लेकिन सच बताऊं… IPO समझे बिना पैसा लगाना थोड़ा risky हो सकता है
मेरा नजरिया: पिछले कुछ सालों में मैंने देखा है कि IPO market में काफी interest बढ़ा है। कई नए investors सीधे IPO में jump कर जाते हैं, लेकिन उन्हें यह भी नहीं पता होता कि IPO के types क्या होते हैं और pricing कैसे तय होती है। इसलिए आज इस article में हम आसान भाषा में IPO के types समझेंगे।
📌 IPO क्या होता है?
IPO यानी Initial Public Offering। जब कोई private company पहली बार अपने shares public investors को बेचती है तो उसे IPO कहते हैं। सरल शब्दों में कहें तो — कंपनी पहली बार stock market में entry करती है और आम लोग उसके shares खरीद सकते हैं।
भारत में IPO को SEBI (Securities and Exchange Board of India) regulate करता है और shares NSE या BSE पर list होते हैं।
📊 भारत में IPO के कितने प्रकार होते हैं?
अगर main structure देखें तो भारत में IPO के दो मुख्य प्रकार होते हैं:
- 1. Fixed Price IPO
- 2. Book Building IPO
आज के समय में ज्यादातर IPO Book Building method से आते हैं, क्योंकि इसमें market demand का बेहतर अंदाजा लगाया जा सकता है
1️⃣ Fixed Price IPO क्या होता है?
Fixed Price IPO में company पहले से ही share की एक final price तय कर देती है। Investors को उसी price पर shares खरीदने होते हैं
मतलब अगर कंपनी ने IPO price ₹150 रखा है तो सभी investors उसी price पर apply करेंगे। इसमें bidding process नहीं होता।
Fixed Price IPO की खास बातें
- Share price पहले से तय होता है
- Bidding process नहीं होता
- Demand का पता issue बंद होने के बाद चलता है
- Investors को पूरी payment पहले करनी पड़ती है
मेरे अनुभव में पुराने समय में Fixed Price IPO ज्यादा common थे, लेकिन अब यह method कम इस्तेमाल होता है
2️⃣ Book Building IPO क्या होता है?
Book Building IPO आज के समय का सबसे popular IPO method है। इसमें company share की exact price तय नहीं करती बल्कि एक price band देती है
उदाहरण के लिए price band हो सकता है:
₹100 – ₹110
Investors इस range के अंदर bid करते हैं। IPO बंद होने के बाद demand के आधार पर final price तय होती है जिसे cut-off price कहते हैं
Book Building IPO की खास बातें
- Price band तय होती है
- Investors bid करते हैं
- Demand के आधार पर final price तय होती है
- Market demand का बेहतर पता चलता है
आज भारत में आने वाले लगभग सभी बड़े IPO इसी method से आते हैं
📉 Fixed Price vs Book Building IPO
| Feature | Fixed Price IPO | Book Building IPO |
|---|---|---|
| Price | पहले से तय | Price band |
| Bidding | नहीं | हाँ |
| Demand Visibility | Issue बंद होने के बाद | Issue के दौरान |
| आज की popularity | कम | ज्यादा |
📈 IPO में investor categories
IPO types के साथ एक और important चीज समझनी चाहिए — investor categories
- Retail Investors – आम investors (₹2 लाख तक)
- HNI / NII – High net worth investors
- QIB – Qualified Institutional Buyers (mutual funds, banks)
IPO allotment भी इन्हीं categories के हिसाब से होता है
👀 IPO में निवेश से पहले क्या देखें?
देखो… IPO सिर्फ hype देखकर apply नहीं करना चाहिए
मैं हमेशा 4 चीजें check करता हूं:
- Company का business model
- Financial performance
- IPO valuation
- Grey Market Premium (GMP)
अगर valuation बहुत ज्यादा है तो listing gain मिलना मुश्किल हो सकता है
⚠️ Risk Warning
IPO में हमेशा profit नहीं होता। कई बार listing के बाद share price गिर भी सकता है। इसलिए सिर्फ hype देखकर apply करना सही strategy नहीं है
सावधान रहना — IPO investing में research बहुत जरूरी है
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1: IPO के कितने प्रकार होते हैं?
उत्तर: भारत में मुख्य रूप से IPO के दो प्रकार होते हैं — Fixed Price IPO और Book Building IPO। आज के समय में ज्यादातर कंपनियां Book Building method का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि इसमें market demand का बेहतर अंदाजा लगाया जा सकता है
Q2: Book Building IPO क्या होता है?
उत्तर: Book Building IPO में company share की exact price तय नहीं करती बल्कि price band देती है। Investors इस band के अंदर bid करते हैं और demand के आधार पर final price तय होती है
Q3: Fixed Price IPO क्या होता है?
उत्तर: Fixed Price IPO में company पहले से share की final price तय कर देती है। Investors को उसी price पर shares खरीदने होते हैं और bidding process नहीं होता
Q4: IPO में निवेश करना safe है?
उत्तर: IPO में निवेश profitable हो सकता है लेकिन risk भी होता है। अगर company की valuation ज्यादा है या market sentiment खराब है तो listing loss भी हो सकता है
✅ निष्कर्ष
तो अब तुम्हें समझ आ गया होगा कि भारत में IPO के मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं — Fixed Price IPO और Book Building IPO। आज के समय में ज्यादातर कंपनियां Book Building method का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि इससे market demand का सही अंदाजा लगाया जा सकता है
लेकिन याद रखो… IPO में invest करने से पहले company की financials, valuation और business model जरूर analyze करो। सिर्फ listing gain के लालच में पैसा लगाना कभी-कभी नुकसान भी करा सकता है
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⚠️ डिस्क्लेमर: यह article केवल educational purpose के लिए है। यह कोई financial advice नहीं है। Stock market में investment में risk है - अपनी research करें और certified financial advisor से consult करें। Past performance future results की guarantee नहीं है। Tech Bate किसी भी financial loss के लिए जिम्मेदार नहीं है।
👤 लेखक: Tech Bate | 📍 स्थान: उदयपुर, राजस्थान, भारत